किस उम्र के लोग कोरोना वायरस से ज्यादा प्रभावित हैं

चीन में शुरू हुआ कोरोना वायरस (Coronavirus) पूरी दुनिया में पैर पसार चुका है. इंटरनेशनल न्यूज एजेंसी (AFP) ने विशेषज्ञों के हवाले से बताया कि चीन से होते हुए यह वायरस दुनिया के 61 देशों में पहुंच चुका है. हजारों मौतों के बीच ये भी देखा गया कि कोरोना वायरस का खतरा एक निश्चित उम्र के लोगों को ज्यादा है.

AFP ने 29 फरवरी को एक आंकड़ा दिया, जिसके अनुसार लगभग 86 हजार लोग कोरोना वायरस  से प्रभावित हैं और 3000 से ज्यादा की मौत हो चुकी है. हालांकि कुल मौतों पर अब भी कोई पक्का डेटा जारी नहीं हो सका है. दूसरी ओर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (World Health Organization) ने कोरोना वायरस पर रिस्क एसेसमेंट करते हुए ये देखने की कोशिश की कि इसका खतरा किन्हें ज्यादा है.

इसके शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि चीन में ही जो लोग इस खतरनाक वायरस से जूझ रहे हैं, उनमें से अधिकतर मरीज बुजुर्ग हैं, जो पहले से ही किसी न किसी किस्म की दिल की बीमारी का भी शिकार हैं, जैसे हाइपरटेंशन. फरवरी के मध्य में चीन में ही लगभग 70 हजार मरीजों को इस स्टडी में शामिल किया गया. इसमें देखा गया कि लगभग 44,700 मरीजों में से 80 प्रतिशत लोगों की उम्र कम से कम 60 साल से ज्यादा थी और इसमें से भी आधे मरीज 70 साल या इससे अधिक उम्र के थे


इससे पहले भी साल 2002-03 में SARS जैसी जानलेवा बीमारी फैली थी लेकिन कमउम्र बच्चों में इसका खतरा भी कम देखा गया. Severe acute respiratory syndrome के नाम से जानी जाने वाली इस बीमारी से भी हजारों जानें गईं, जिसमें बच्चों का प्रतिशत नहीं के बराबर दिखा. बता दें कि सार्स भी कोरोना वायरस फैमिली से आता है, जिससे अकेले चीन के एक प्रांत Guangdong में 774 से ज्यादा जानें गईं और हजारों मरीज संक्रमित पाए गए. हाालंकि वैज्ञानिकों का बड़ा तबका ये भी मानता है कि सार्स के कारण हुई मौतों का असल आंकड़ा सामने नहीं आ सका क्योंकि इससे मरीज कोरोना की तरह तेजी से नहीं मरता, बल्कि धीरे-धीरे मौत होती है.

शोध में ये भी पता चला है कि बड़ी उम्र के लोगों, पहले से ही बीमारी लोगों और दिल की बीमारी जैसे हाइपरटेंशन के मरीजों के अलावा बीमारी का इलाज कर रहे डॉक्टरों और मेडिकल टीम को भी संक्रमण का बहुत खतरा है. रिपोर्ट के अनुसार अब तक 3019 स्वास्थ्यकर्मी इसके शिकार हो चुके हैं, वहीं कइयों की जानें जा चुकी हैं